वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार केदूसरे कार्यकाल का बहुप्रतीक्षित बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने कहा कि मैं वर्ष 2020-21 का बजट पेश कर रही हूं। मई 2019 में मोदी जी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार केदूसरे कार्यकाल का बहुप्रतीक्षित बजट पेश किया। सबसे कमजोर ग्रोथ वाले साल में यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है। टैक्स स्लैब में कमी, किसानों के लिए राहत पैकेज, कारोबारी माहौल को अनुकूल बनाने समेत तमाम उम्मीदें उनके इस बजट से लगी हैं। इससे पहले शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वे पेश किया था।
शिक्षा क्षेत्र के लिए 99,300 करोड़ का प्रस्ताव। राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय का प्रस्ताव। कौशल विकास के लिए 3 हज़ार करोड़ का प्रस्ताव।
पांच पुरातात्विक जगहों पर म्यूजियम बनेंगें- हस्तिनापुर, शिवसागर, डोलावीरा, आदिचेल्लनूर, राखीगढी। इसके अलावा रांची में ट्राइबल म्यूजियम बने।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये इनोवेशन पर आधारित है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटर कंप्यूटिंग जैसे तकनीक दुनिया के बदल रहे हैं। थ्री डी प्रिंटिंग भी इसका हिस्सा है। हमें भी इस पर ध्यान देने की जरूरत है। डेटा को न्यू ऑइल कहा जा रहा है। डेटा सेंटर पार्क पूरे देश में बनाए जाएंगे। सभी सार्वजनिक संस्थानों का डेटा हो, आंगनबाड़ी, पुलिस स्टेशन से लेकर शीर्ष स्तर तक डिजिटल के जरिए कनेक्टेड हों। 6 हजार करोड़ रुपये भारत नेट प्रोग्राम के लिए दिए जाएंगे।
मैं वर्ष 2020-21 का बजट पेश कर रही हूं। मई 2019 में मोदी जी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया। भारत के लोगों ने केवल राजनीतिक स्थिरता के लिए नहीं बल्कि मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जीएसटी के मुख्य वास्तुकार दिवंगत अरुण जेटली जी को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। कम जीएसटी दरों के कारण औसत परिवार के मासिक खर्च में 4 पर्सेंट की कमी आई। जीएसटी के सामने कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन जीएसटी काउंसिल इन्हें दूर करने में सक्रिय रहा। पिछले दो साल में 60 लाख अधिक टैक्सपेर्यस को जोड़ा गया।
जीएसटी से देश आर्थिक रूप से एकीकृत हुआ, इंस्पेक्टर राज खत्म हुआ। 1 अप्रैल 2020 से सरलीकृत नई विवरणी प्रणाली शुरू की जाएगी। 2009-14 के दौरान मुद्रास्फीति 10.5% के दायरे में थी। 2014-19 में भारत का एफडीआई बढ़कर 284 बिलियन अमेरिकी डॉलर पर पहुंचा, केंद्र सरकार का ऋण घटकर मार्च 2019 में जीडीपी के 48.7% पर आ गया।
मैं इस बजट को दो अत्याधुनिक विकास की पृष्ठभूमि में पेश करना चाहती हूं, बजट के तीन महत्वूण विषय हैं, महत्वाकांक्षी भारत, सबके लिए आर्थिक विकास, हमारा संरक्षित समाज। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पंडित दीनानात कौल की कविता का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसे, हमारा वतन डल में खिलते हुए कमल जैसा, नवजवनों के गर्म खून जैसा, मेरा वतन तेरा वतन, हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्यारा वतन। हमारा वतन खिलते हुए शालीमार बाग जैसा हमारा वतन डल झील में खिलता हुआ कमल जैसा नौजवानों के गर्म खून जैसा मेरा वतन, तेरा वतन, हमारा वतन, दुनिया का सबसे प्यारा पतन।
बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि को प्रतिस्पर्धात्मक बनाकर किसानों की उन्नति सुनिश्चित की जा सकती है। पानी की कमी से संबंधित मुद्दे अब देशभर में गंभीर चिंता का विषय। पानी की समस्या से जूझ रहे 100 जिलों के लिए व्यापाक उपाय किए जाने का प्रस्ताव।
अन्नदाता ऊर्जादाता भी है। पीएमकुसुम स्कीम से फायदा हुआ है, अब हम 20 लाख किसानों को सोलर पंप देंगे। 15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा। 162 मिलियन टन के भंडारण की क्षमता है. नाबार्ड इसे जीयोटैग करेगा। नए बनाए जाएंगे, ब्लॉक और ताल्लुक के स्तर पर बनेंगे. राज्य सरकार जमीन देसकती है। एफसीआई अपनी जमीन पर भी बना सकती है।
किसानों के लिए भंडार स्कीम। आठवें ऐक्शन प्वॉइंट के तहत कृषि उड़ान लांच किया जाएगा। ये प्लेन कृषि मंत्रालय की तरफ से चलेंगे। होर्टिकल्चर- 311 मिलियन टन के साथ ये अन्न उत्पादन के आगे निकल चुका है। हम राज्यों को मदद करेंगे। वन प्रॉडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट का स्कीम बनाएंगे। इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम - संचयित इलाकों में नेचुरल फार्मिंग- जैविक खेती के लिए पोर्टल, ऑनलाइन मार्केट मजबूत बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य के क्षेत्र के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष 12 बीमारियों से लड़ता है। फिट इंडिया मूवमेंट भी चल रहा है। स्वच्छ भारत मिशन भी चल रहा है। पीएम जनआरोग्य योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा अस्पताल पैनल में हैं। हम इसे बढ़ाएंगे। पीपीपी मोड में अस्पताल बनाए जाएंगे। 112 आस्परेशनल जिलों में जहां इम्पैनल अस्पताल नहीं है उन्हें तवज्जो दी जाएगी। इससे बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा।